राम और वन का संबंध आज भी लोक स्मृति में जीवित है। वनवास के दौरान अनेकों विपत्तियों के सामने आने पर भी राम सौम्य और अडिग बने रहे और यही गुण उन्हे और भी ज्यादा आकर्षक और शक्तिशाली बनाते हैं। मनुष्य अवतार के रूप में वन की सुवास ने उन्हे सांत्वना, आत्मविश्वास और सहयोग के साथ साथ वह ऊर्जा भी दी होगी जिससे असंभव से लगने वाले कार्य भी सहज होते चले गए। लंबे संघर्ष के बाद राम जब अयोध्या वापस आए होंगे तब उनके हृदय में वन की मोहक सुवास जरूर बसी रह गई होगी। आप भी वन की उन्ही मोहक खुशबुओं को महसूस कीजिए। माइल्डसेंट मिस्टिक गुग्गुल और माइल्डसेंट रॉयल चंदन सुवासित वन की अनुभूतियों को आप तक पहुचाने का माध्यम बनेंगे। आइए अपने आराध्य के गुणों को आत्मसात करने के साथ आप भी उन मोहक सुगंधों को अपनी अनुभूति का हिस्सा बनाइये और शांति, सौम्यता और समर्पण के वातावरण को समृद्ध कीजिए।















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